March 5, 2024

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राजनीति: रालोद प्रमुख जयंत चौधरी के बीजेपी में शामिल होने से पश्चिम में बिगड़ेगा सपा का गणित!

रालोद प्रमुख जयंत चौधरी

रालोद प्रमुख जयंत चौधरी

राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों ने पश्चिमी यूपी की राजनीति में एक बड़ी हलचल मचा दी है. राजनीत के जानकर इस पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं।

अगर रालोद ने भाजपा से गठबंधन किया तो लोकसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा का गणित गड़बड़ा जाएगा। दरअसल, रालोद के बाद जाट और सपा के पास मुस्लिमों का बड़ा वोट बैंक है। जब दोनों एक साथ चुनाव लड़ते हैं तो उन्हें इन दोनों के अलावा अन्य जातियों के भी वोट मिलते हैं. इससे सीट जीती जा सकती है.

पिछली बार एसपी-बीएसपी और आरएलडी ने मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ा था और बीएसपी को तीन सीटों पर जीत मिली थी. रालोद के पास फिलहाल नौ विधायक हैं। एसपी-आरएलडी ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था. इसका उन्हें फायदा भी मिला था।

यह सपा-रालोद गठबंधन का ही असर था कि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें चार सीटें मिली थीं, जबकि उससे पहले वे सिर्फ एक सीट ही जीत पाए थे. ऐसे में साफ है कि अगर आरएलडी और बीजेपी के बीच गठबंधन होता है तो लोकसभा चुनाव में इससे सपा को बड़ा झटका लगेगा. रालोद का जाट वोट बैंक सपा से खिसक जाएगा। इसके बाद सपा को कोई लाभ नहीं मिल पायेगा.

सपा ने रालोद प्रमुख चौधरी जयंत को भी राज्यसभा भेजा है। हालांकि, अब बीजेपी के साथ आरएलडी के गठबंधन की चर्चाओं से समाजवादी पार्टी खेमे में भी बेचैनी है.

दरअसल, 19 जनवरी को सपा और आरएलडी का गठबंधन हुआ था, लेकिन सूत्रों का कहना है कि कैराना, बिजनौर और मुजफ्फरनगर सीटों को लेकर आरएलडी सपा से नाखुश है.

मिशन 80 को आगे बढ़ाने के लिए बीजेपी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आरएलडी के साथ गठबंधन करना चाहती है. कहा जा रहा है कि गठबंधन एक-दो दिन में स्थिति स्पष्ट कर सकता है. अगर गठबंधन होता है तो जल्द ही इसकी सार्वजनिक घोषणा की जाएगी।’

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