March 5, 2024

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Anamika Jain Amber | एक पल को हवा, हिचकियाँ लायी थी – अनामिका

anamika jain amber

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एक पल को हवा, हिचकियाँ लायी थी
प्यास धरती की बादल से कह आयी थी
एक झोंके ने महका दिया आज जब
आपकी गंध ले मुझसे टकराई थी – अनामिका


रोज चांदनी छलकाती है देह सजल हो जाती है
अंगों में अशआर पिरो कर एक गजल हो जाती है
यमुना तट पर बैठी हो ज्यों प्रिय की प्रेम प्रतीक्षा में
प्यार में डूबी लड़की अंबर ताजमहल हो जाती है – अनामिका

इस रचना को लिखने वाली कवि, लेखक का नाम अनामिका जैन अंबर है। लोग और उनके रिश्तेदार अक्सर उन्हें अनामी कहते हैं। उनके जन्मस्थान के अनुसार, वह जन्म से भारतीय हैं। उनका गृह नगर ललितपुर, उत्तर प्रदेश है। उसके बाद जैन धर्म है। उनकी शैक्षणिक योग्यता एमएससी है। ये रचना उनकी फेसबुक वाल से ली गई है। अनामिका जैन अंबर की गिनती भारत की ही नहीं अपितु अब दुनिया की बड़े कवियों में होती है।

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